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मंदिर आदि अनेक उपयोगी विषयो का समावेश होने से आचार्य वराह की इस बृहत् संहिता का पुरे विश्व में कोई सानी ग्रन्थ नहीं है i इसका एक - एक अध्याय एक- एक ग्रन्थ की बराबरी करता है l लेखक सुरेश चंद्र मिश्रा
भैरवी आदि सिद्ध करने के उपायों की प्रमाणिक चर्चा की गई इस पुस्तक में ई महाकाली के साधकों व जिज्ञासुओं के लिए एक समान उपयोगी I दुर्लभ ग्रन्थ की सरल भाषा में अनूठी प्रस्तुति I
विवाह व सन्तान की एक स्थान पर सांगोपांग व्याख्या आधुनिक परिपेक्ष में मुहूर्त की व्यवहारिक उपयुक्तता विवाह के समय का पराशरी व अष्टकवर्ग विधि से निर्णय
Jeevit Mariye Bhavjal Tariye [Hindi] 9788170821892 This rectification may be effectedJeevit Mariye Bhavjal Tariye [Hindi] by Osho Siddhartha Publisher: Oshodhara ' , , l ' , , , , , , , l l ' ' l , l , l ' , l ' ' , l ' l , l , ll I I I , , , , , , , , , I I I I Jeevit Mariye Bhavjal Tariye